👉इस लेख में हम भारत की राज्य प्रणाली की ऐतिहासिक पुष्ठभूमि के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि।
और ईस्ट इंडिया कंपनी ने आगे ही आगे सिद्धि प्राप्त की और 1757 में प्लासी का युद्ध किया जिससे उसको बहुत फायदा हुआ।
बाद में आगे जाते 1764 में बक्सर का युद्ध कराया और कंपनी को उससे बहुत फायदा हुवा और उसके बाद 12 अगस्त,1965 इलाहाबाद की संधि से जो कंपनी व्यापार करने तक सीमित थी उसको बंगाल,बिहार और ओडिशा के दिवानी अधिकार प्राप्त कर लिऐ।
फिर 1773 में कंपनी को नियंत्रण करने के लिए ब्रिटिश पार्लियामेंट ने एक्ट बनवाया उससे 1773 का रेगुलेटिंग एक्ट कहा गया। उसके बाद क्रमश कंपनी के एक्टर में सुधारा होता रहा। और फिर 1857 में हुए सिपाही विद्रोह के कारण कंपनी का शासन टका ना बहुत मुश्किल हो गया था। तब भारत का शासन ब्रिटिश ताज के हाथों में चला गया। और उसने भारत शासन अधिनियम 1858 बनाया। हमें इस एक्ट को दो भागों में विभाजित करेंगे।
- कंपनी का शासन.(1773 – 1858)
इस अधिनियम को न्यूमैन अधिनियम के रूप में जाना जाता है।
इस अधिनियम के तहत किए गए संशोधन
- इस अधिनियम द्वारा बंगाल के गवर्नर को "बंगाल का गवर्नर जनरल" बनादीया गया।
- और बंगाल के अतीम गवर्नर और पहले गवर्नर जनरल लॉर्ड वॉरेन हेस्टिंग्स को बनाए गया।
- इस अधिनियम के अंतर्गत कोलकाता में 1774 में कार्ट विलीयम ने उच्चतम न्यायालय की स्थापना की,जिसमें मुख्य न्यायाधीश और तीन अन्य न्यायाधीश थेे । और उसकेेेेे प्रथम मुख्य न्यायाधीश एलिजा एम्पे थे।
- EIC के कार्यों पर नियंत्रण ब्रिटिश सरकार करेंगे।
- केंद्रीयकरण की प्रक्रिया की शुरुआत।
- भारत में ब्रिटिश राज के लिए लेखिक बंधारण की रचना की गई।
- बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की शुरुआत जिसमें 4 सदस्य नियुक्त होगी।
- पहली बार भारत में कंपनी के कर्मचारियों पर आचार संहिता लादी।
pit's india act 1781
इस अधिनियम का नाम ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पिट्स के नाम पर से रखा गया है।
पिट्स एक्टर का महत्व........
- इस एक्ट को 1773 के एक्ट में जो खामियां थी उसको दूर करने के लिए बनाया गया है।
- इस अधिनियम के तहत पहली बार कंपनी के नियंत्रण प्रदेश ब्रिटिश अधिकृत भारतीय प्रदेश का नाम दिया गया।
- भारत और ईस्ट इंडिया कंपनी पर ब्रिटिश क्रोऊ का नियंत्रण रहेगा।
- पहली बार कंपनी के राजकीय कार्यों और व्यापारिक प्रवृत्तियों को अलग कर दिया गया।
- इसी कानून द्वारा कोलकाता के सभी निवासियों को सर्वोच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत कर दिया गया।
1833 का चार्टर अधिनियम
- इस अधिनियम ने बंगाल के गवर्नर जनरल को भारत का गवर्नर जनरल बना दिया।
- बंगाल के अंतिम गर्वनर जनरल और भारत के प्रथम गवर्नर जनरल लॉर्ड विलियम बेंटिक को बनाया गया।
- इस कानून के तहत कंपनी के व्यापारिक अधिकार को समाप्त कर दिए।
- प्रथम विधि आयोग का गठन किया गया और उसके अध्यक्ष लॉर्ड मेंक्लॉ को बनाया गया। ईसको मेक्लो समिति से भी जाना जाता है।
- दास प्रथा विधि विरुद्ध पोषित 1843 में लॉर्ड एलनबरो द्वार पूर्ण जन्मूलन।
1853 का चार्टर अधिनियम
इस अधिनियम की विशेषताएं.......
- भारत में सिविल सेवा सभी के लिए खोल दी गई,खुली प्रतियोगिता के आधार पर चयन का प्रावधान– मेक्लो समिति की सिफारिश पर।
- ब्रिटिश संसद द्वारा घोषणा की गई कि EIC का शासन कभी भी समाप्त हो जाएगा।
- संसदीय शासन प्रणाली (केंद्र में छोटे स्तर पर विधानसभा का निर्माण) की शुरुआत।
ताज का शासन [1858 से 1947 तक]
1858 का भारत सरकार अधिनियम
1857 में हुए सिपाही विद्रोह के कारण इस अधिनियम को पारित किया गया।
इस अधिनियम से कंपनी का शासन को समाप्त कर दिया गया।
इस कानून को गुड गवर्नस एक्ट भी कहा जाता है।
इस अधिनियम के तहत भारत का शासन ब्रिटेन की महारानी विक्टोरिया को स्थानांतरित हो गया।
अधिनियम के तहत गवर्नर जनरल का पदनाम बदलकर "भारत का वायसराय" कर दिया गया।
और भारत के अंतिम गवर्नर जनरल और भारत के प्रथम वायसराय लॉर्ड कैनिंग को बनाया गया।
- इस अधिनियम में एक नए पदको उमेरा गया जो ,"भारत के राज्य सचिव" का था।
- और उसकी सहायता के लिए 15 सदस्य भारत परिषद की स्थापना की गई और उसका अध्यक्ष भारत सचिव को बनाया गया।
- इस अधिनियम से भारत की राज्य व्यवस्था निम्नलिखित थी।
1861 का भारत परिषद अधिनियम
इस अधिनियम के तहत लॉर्ड कैनिंग द्वारा 1859 मैं पोर्टफोलियो प्रणाली की शुरूआत की।
विभागीय प्रणाली की शुरुआत
1773 के एक्ट की विकेंद्रीकरण प्रणाली की शुरुआत की।
कार्यकारी परिषद का विस्तार और गैर–सरकारी सदस्यों की नियुक्ति की गई।
1862 मैं लॉर्ड कैनिंग ने तीन भारतीय बनारस के राजा, पटियाला के महाराजा और सर दिनकर राव को विधान परिषद में मनोनीत किया।
और विधान परिषद की स्थापना की गई।
1909 का भारत परिषद अधिनियम
इस अधिनियम को मोर्ले–मिंटो ऐक्ट भी कहा जाता हैं।
इस अधिनियम की विशेषताएं......
- इस अधिनियम से ज्ञातीवाद की शुरुआत हुई थी इससे मुस्लिम लोगों को सांप्रदायिक निर्वाचन का अधिकार दिया।
- मोर्ले–मिंटो को सांप्रदायिक निर्वाचन का जनक कहा जाता हैं।
- डॉ.राजेंद्र प्रसाद पाकिस्तान का जनक अथवा जन्मदाता लॉर्ड मिंटो को कहते हैं
- और सत्येंद्र प्रसाद सिंहा पहले भारतीय थे जिसकी नियुक्ति गवर्नर जनरल की कार्यकारी परिषद में विधि सदस्य के रूप में हुई थी।
भारत शासन अधिनियम 1919
इस अधिनियम को मोंटेग्यू–चेम्सफोर्ड सुधारा भी कहा जाता है।
इस अधिनियम से प्रांतों में द्वैध शासन प्रणाली की शुरुआत की गई।
विषयों का बंटवारा आरक्षित और हस्तांतरित कर दिया।
केंद्र में द्विसदनीय विधायिका की शुरुआत राज्यसभा और लोकसभा का गठन किया गया।
भारत के उच्चायुक्त के पदों का सूजन।
महिला को पहली बार मत देने का अधिकार।
ली आयोग की अनुशंसा के आधार पर लोक सेवा आयोग (psc) का गठन 1926 में।
वैधानिक आयोग का गठन।
पहली बार राज्य बजट को केंद्रीय बजट से अलग किया गया और राज्य विधानसभा अपने बजट खुद बना सकती थी और 1926 में रेलवे बजट को आम बजट से अलग किया गया।
Rowlatt act
रौलट एक्ट का सत्य नाम Anarchical and revolutionary crimes act था।
यहां अधिनियम 6 माह तक सीमित रहा।
भारत शासन अधिनियम,1935
- इस अधिनियम से प्रांतों में द्वैध शासन प्रणाली समाप्त कर दिया और प्रांतों को स्वशासन का अधिकार मिल गया।
- केंद्र में द्वैध शासन प्रणाली की शुरुआत।
- अखिल भारतीय संघ की स्थापना की सिफारिश।
- बर्मा को भारत से अलग किया गया।
- उड़ीसा को बिहार से अलग किया गया।
- संघीय न्यायालय की स्थापना दिल्ली में की गई।
- प्रांतीय जाहेर सेवा आयोग और संघ लोक सेवा आयोग (UPSC)की शुरुआत ।
- केंद्रीय बैंक की स्थापना–रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया –1अप्रैल,1935 को RBI ACT 1934 के तहत की गई। (और उसका राष्ट्रीयकरण 1 अप्रैल, 1949)
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम,1947
- ब्रिटिश संसद की प्रभुसत्ता की समाप्ति।
- भारत सचिव पद की समाप्ति।
- भारत का विभाजन कर भारत और पाकिस्तान दो स्वतंत्र राज्यों के निर्माण का प्रावधान।
- देसी रियासतों को किसी भी राज्य में शामिल होने का अधिकार या खुद के बारे में निर्णय लेने का अधिकार।
- 15 अगस्त,1947 को भारत को स्वतंत्र दायर कर दिया गया।
- इस अधिनियम में शाही उपाधि से "भारत का सम्राट" शब्द समाप्त कर दिया।
- 14–15 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि को भारत में ब्रिटिश शासन का अंत हो गया और समस्त शक्तियां दो नए स्वतंत्र डोमिनेशन को प्राप्त हुई।
- लॉर्ड माउंटबेटन नए डोमिनियन भारत के प्रथम गवर्नर जनरल बने।
- उन्होंने जवाहरलाल नेहरू को भारत के पहले प्रधानमंत्री के रूप में शपथ दिलाई।


Great 👌🏻👌🏻
ReplyDeleteNice
ReplyDeleteNice
ReplyDeleteNice
ReplyDeleteVery use full
ReplyDeleteNice
ReplyDeleteGood
ReplyDeleteVery nice 🙂
ReplyDeletegood
ReplyDelete